Delhi News: नई दिल्ली स्थित 7 लोक कल्याण मार्ग पर नीट मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी का उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के विरोध में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई वरिष्ठ नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
दिल्ली के सबसे सुरक्षित क्षेत्र माने जाने वाले प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी से अफरा-तफरी मच गई। विपक्षी दल के शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। देखते ही देखते पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदल गया और सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस कार्रवाई के दौरान देखने को मिला हाई वोल्टेज ड्रामा
प्रदर्शन के दौरान उस समय ड्रामा देखने को मिला जब दिल्ली पुलिस की टीम राहुल गांधी को हिरासत में लेने आगे बढ़ी। इस दौरान राहुल गांधी सड़क पर ही लेट गए। पुलिस अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें उठाकर गाड़ी में बिठाया और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के मॉडल टाउन थाने ले जाया गया।
इस विरोध प्रदर्शन में विपक्षी एकजुटता भी दिखाई दी, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौके पर पहुंचे। अखिलेश के पहुंचते ही सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग करते हुए सभी नेताओं को हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ काफी तीखी बहस और नोकझोंक भी हुई।
सरकार का दावा और केंद्रीय मंत्री की शाह से बैठक
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बातचीत के वादे से मुकर गए। सरकार ने गृह सचिव के जरिए संसद में नीट पर चर्चा का आश्वासन दिया था। हालांकि, इसके बाद राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की नई मांग रख दी, जिसे सरकार ने अलोकतांत्रिक रवैया करार दिया है।
घटनाक्रम के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने और गतिरोध को हल करने की रणनीति पर चर्चा हुई। पीएम आवास के बाहर हालात की गंभीरता को देखते हुए पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की भारी तैनाती कर दी गई।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी और के. सुरेश ने पुलिस की कार्रवाई को तानाशाही करार दिया। हिरासत में लिए गए नेताओं का कहना है कि वे छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर चुप नहीं बैठेंगे। विपक्ष ने साफ किया है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।