Dehradun News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एक नवंबर से दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंच रही हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका सातवां देवभूमि दौरा होगा। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी 2015 से अब तक 28 बार राज्य आ चुके हैं। दोनों शीर्ष नेताओं के लगातार दौरों से राज्य में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और बुनियादी विकास को नई गति मिली है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एक नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचेंगी। राष्ट्रपति बनने के बाद यह देवभूमि का उनका सातवां दौरा होगा। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी वर्ष 2015 से अप्रैल 2026 तक 28 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। दोनों शीर्ष नेताओं के इन दौरों से राज्य की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान, सैन्य परंपरा और विकास योजनाओं को विशेष प्राथमिकता मिली है। जहां राष्ट्रपति के आगमन ने देहरादून स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रपति निकेतन को नई पहचान दिलाई है, वहीं प्रधानमंत्री के दौरों से चारधाम और बड़े आधारभूत ढांचे के प्रोजेक्ट्स को गति मिली है।
राष्ट्रपति के दौरों से राष्ट्रपति निकेतन को मिली पहचान
दिसंबर 2022 में राष्ट्रपति मुर्मु ने देहरादून में नागरिक अभिनंदन और दून विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत की थी। इसी दौरान वह मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के कार्यक्रम में भी शामिल हुईं। इसके बाद अप्रैल 2024 में उन्होंने ऋषिकेश और देहरादून के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
जून 2025 में हुआ उनका दौरा देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसके बाद नवंबर 2025 में उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया और फिर जून 2026 में देहरादून का दौरा किया।
आमजन के लिए खुला राष्ट्रपति निकेतन और तपोवन
राष्ट्रपति मुर्मु ने 20 जून 2025 को राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन को आम जनता के लिए खोलने की ऐतिहासिक शुरुआत की। इसके साथ ही उन्होंने परिसर में राष्ट्रपति उद्यान की आधारशिला भी रखी। यह ऐतिहासिक परिसर पूर्व में राष्ट्रपति अंगरक्षक के घोड़ों के प्रशिक्षण और विश्राम स्थल के रूप में इस्तेमाल होता रहा है।
वर्तमान में निकेतन परिसर के लगभग 132 एकड़ क्षेत्र में राष्ट्रपति उद्यान विकसित किया जा रहा है। इसमें हरित उद्यान, प्रकृति पथ, झील, तितली घर, पक्षीशाला, पैदल और साइकिल ट्रैक के साथ-साथ बच्चों के खेल क्षेत्र और अन्य जन सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
चारधाम से लेकर आर्थिक गलियारे तक प्रधानमंत्री के दौरे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरों में उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और आर्थिक विकास दोनों को प्राथमिकता मिली है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका पहला उत्तराखंड दौरा 11 सितंबर को हुआ था। इसके बाद से वह केदारनाथ-बदरीनाथ, आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से लेकर सीमांत क्षेत्रों तक लगातार पहुंचते रहे हैं।
पिछले वर्ष नवंबर में वह उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह में शामिल होने देहरादून पहुंचे थे। इसके बाद अप्रैल 2026 में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे (इकोनॉमिक कॉरिडोर) के लोकार्पण के अवसर पर उनका 28वां दौरा दर्ज हुआ।
धामी सरकार के कार्यकाल में दोनों नेताओं के सर्वाधिक आगमन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करीब सवा पांच साल के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अप्रैल 2026 तक 18 बार उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जून 2026 तक छह बार देवभूमि का दौरा किया है। अब एक नवंबर से शुरू होने जा रहा राष्ट्रपति का सातवां दौरा भी मुख्यमंत्री धामी के ही कार्यकाल में संपन्न होने जा रहा है।