New Delhi News: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नियमों को अधिक सरल और सुलभ बना दिया है। PMAY 2.0 के तहत अब बेघर और गरीब परिवारों को पक्का मकान देने के लिए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। सरकार ने संसद में योजना की ताजा प्रगति रिपोर्ट भी पेश की है।
इस योजना के तहत मुख्य रूप से उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है, जिनके पास देश में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं है। परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे शामिल हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए सालाना पारिवारिक आय सीमा 3 लाख रुपये तक तय की गई है।
निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए वार्षिक आय 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच निर्धारित है। वहीं मध्यम आय वर्ग (MIG) के लिए ब्याज सब्सिडी योजना के तहत दायरा बढ़ाकर 9 लाख रुपये तक कर दिया गया है। आवेदन के लिए पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं।
ऑनलाइन आवेदन करने का आसान तरीका और प्रक्रिया
आवेदक PMAY-U 2.0 के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘Citizen Assessment’ विकल्प चुनकर आवेदन कर सकते हैं। आधार नंबर दर्ज करने के बाद मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) से सत्यापन करना होता है। इसके बाद व्यक्तिगत विवरण, वार्षिक आय और बैंक जानकारी भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद मिलने वाले एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर से स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन में असमर्थ लोग नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या जन सेवा केंद्र की मदद ले सकते हैं। सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए सभी पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की है।
संसद में पेश हुए योजना के आंकड़े
लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण योजना (PMAY-G) के तहत 4.18 करोड़ मकानों के लक्ष्य के मुकाबले 3.92 करोड़ मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 3.10 करोड़ मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 41,924.60 करोड़ रुपये का शुरुआती बजट आवंटित किया गया है।
शहरी योजना (PMAY-U) के तहत 2015 से अब तक 127.68 लाख मकान मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 99.07 लाख मकान बनकर तैयार हो चुके हैं। 1 सितंबर 2024 से लागू PMAY-U 2.0 का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ अतिरिक्त परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना की समय सीमा सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।
अन्य सुविधाओं से जोड़े जा रहे घर
पीएम आवास योजना केवल घर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा गया है। लाभार्थियों को शौचालय, पेयजल कनेक्शन, बिजली और एलपीजी गैस कनेक्शन की सुविधा दी जा रही है। शहरी क्षेत्र में एक मकान बनने में सामान्यतः 12 से 36 महीने का समय लगता है।