New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से विकसित भारत 2047 का विजन पेश किया। उन्होंने युवाओं को केंद्र में रखकर ‘सप्त शक्ति-सप्तधारा’ का मंत्र दिया। इसके तहत रक्षा, गति शक्ति, हरित और नीली अर्थव्यवस्था सहित सात क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की। इसके साथ ही अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। पीएम मोदी ने महिला आरक्षण लागू करने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील भी की।
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
संबोधन में प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने सेमीकंडक्टर निर्माण, मजबूत नागरिक सुरक्षा नेटवर्क और 6जी तकनीक के विकास पर बल दिया। साथ ही लखपति दीदियों की संख्या तीन करोड़ से बढ़ाकर छह करोड़ करने की बात कही।
सप्तधारा से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण
पीएम ने मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, टेक्नोलॉजी, रक्षा, गति शक्ति, ग्रीन व ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर को विकसित भारत का मुख्य आधार बताया। उन्होंने भारत को ड्रोन, हाइपरसोनिक सिस्टम और रक्षा उत्पादन का वैश्विक हब बनाने का आह्वान किया। साथ ही दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में भारतीय बैंक को शामिल करने का लक्ष्य रखा।
वैचारिक चुनौतियों पर पीएम ने किया आगाह
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद पर बोलते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के बलिदान से देश नक्सल मुक्त हुआ है, लेकिन ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को भी याद किया।