Delhi News: संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को नीट विवाद और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भारी हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. लगातार शोर-शराबे और हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई.
कार्यवाही शुरू होने से पहले मकर द्वार पर सियासी हलचल तेज रही. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर नीट अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया. विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षा बलों ने पेलेट गन का प्रयोग किया.
संसद में कांग्रेस और डीएमके का स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया और छात्रों पर बल प्रयोग पर चर्चा की मांग की. मनीष तिवारी ने नए दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा का नोटिस सौंपा. राज्यसभा में डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने नियम 267 के तहत नोटिस देकर नीट परीक्षा समाप्त करने की मांग दोहराई.
गतिरोध के बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह लोकसभा में ‘लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026’ पेश करेंगे. इस बिल का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली पर रोक लगाना है. चर्चा में बांसुरी स्वराज, तेजस्वी सूर्या, शर्मिला सरकार, लावु श्रीकृष्ण देवरायलु, श्रीकांत शिंदे और अरुण भारती जैसे सांसद हिस्सा लेंगे.
पूर्व शिक्षा मंत्री का एनडीए सांसदों ने किया स्वागत
नीट विवाद के चलते 25 जुलाई को इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी संसद पहुंचे. संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. सरकार ने भी विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है, जिससे सदन में तीखी बहस के आसार हैं.