Delhi News: देश की संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 25 दिनों के दौरान 19 बैठकें होंगी। विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है, जिससे सत्र में काफी हंगामे के आसार दिख रहे हैं।
तृणमूल के बागी सांसदों ने बनाई नई पार्टी एनसीपीआई
संसद के इस सत्र में एक नया राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेगा। तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एनडीए में शामिल होकर ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ बनाई है। यह पहली बार होगा जब यह दल संसद में दिखेगा। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मीडिया को संबोधित कर सकते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के साथ अहम बैठकें की हैं। दोनों नेताओं ने सदन में शांति बनाए रखने और कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की है। हालांकि, विपक्ष के रुख से भारी गहमागहमी की उम्मीद है।
केंद्र सरकार पेश करेगी तीन बड़े नए संशोधन बिल
मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार तीन प्रमुख संशोधन विधेयक संसद में पेश करने जा रही है। सरकारी एजेंडे के अनुसार सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक 2026, विदेशी अंशदान नियमन संशोधन विधेयक 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 शामिल हैं। इनसे न्याय और शिक्षा में बदलाव संभव हैं।
राष्ट्रीय गीत के अपमान पर होगी सख्त जेल की सजा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में एक सख्त कानून संशोधन प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके तहत राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 में बदलाव किया जाएगा। अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने पर आरोपियों को सीधे जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है।
राम मंदिर चंदे पर कांग्रेस ने दिया स्थगन प्रस्ताव
सत्र के पहले दिन कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चंदे में वित्तीय हेराफेरी का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कार्यवाही रोककर तुरंत बहस कराने और सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की।
मायावती ने दी सलाह, सपा में प्रदर्शन पर असमंजस
बसपा प्रमुख मायावती ने संसद की कार्यवाही शांतिपूर्वक चलाने की अपील की है। उन्होंने सरकार और विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर साथ काम करने को कहा। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर उन्होंने अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सपा सांसद रामगोपाल यादव ने अनभिज्ञता जताई है।