Delhi News: देश भर में नीट पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष के भारी दबाव के बाद केंद्र सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार हो गई है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से साफ मना कर दिया है।
संसद में नीट मामले पर विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार हुई केंद्र सरकार
संसद के भीतर विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के छात्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इसलिए सरकार नीट पेपर लीक के इस गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन के भीतर खुलकर पूरी विस्तार से चर्चा कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और प्रधानमंत्री के बयान की मांग की
दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा बेहद प्रमुखता से उठाया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में सुनवाई न होने के कारण उन्हें प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने पर मजबूर होना पड़ा। विपक्ष ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री स्वयं सदन में अपना आधिकारिक बयान दें।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका और कहा कि अदालत का समय न करें बर्बाद
मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई से संबंधित याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से पूरी तरह इनकार कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने याचिकाकर्ताओं को सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अदालत का कीमती समय बिल्कुल बर्बाद न करें। शीर्ष अदालत के इस रुख से याचिकाकर्ताओं को बड़ा झटका लगा है।