Bhubaneswar News: ओडिशा की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी धन के इस्तेमाल और वित्तीय पारदर्शिता के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पहले केंद्र सरकार द्वारा भेजे जाने वाले एक रुपये में से लाभार्थियों तक केवल 15 पैसे पहुंचने की बात कही जाती थी, लेकिन आज डिजिटल सेवाओं, जनधन खातों और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) व्यवस्था के माध्यम से सरकारी सहायता का पूरा पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है।
प्रधानमंत्री ने जनधन खातों और डिजिटल भुगतान व्यवस्था की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीक के इस्तेमाल ने बिचौलियों की भूमिका को खत्म कर दिया है। देश में लगभग 59 से 60 करोड़ जनधन खाते खुलने से यह संभव हुआ है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है।
‘फोन बैंकिंग’ और वर्तमान डिजिटल बैंकिंग में अंतर
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश की आधी से अधिक आबादी बैंकिंग व्यवस्था से पूरी तरह बाहर थी। उस समय ‘फोन बैंकिंग’ का दौर था, जिसमें केवल दिल्ली के खास परिवारों तक पहुंच रखने वाले लोग ही लाभान्वित होते थे। इसके विपरीत, आज डिजिटल बैंकिंग ने देश के हर परिवार को 24 घंटे बैंकिंग सेवाओं से जोड़ दिया है। कभी अमीरों के साधन माने जाने वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड आज देश के हर नागरिक के लिए सुलभ हैं।
वित्तीय समावेश और योजनाओं का विस्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से 13 करोड़ लोग पहली बार उद्यमी बने हैं। इसके अलावा, पीएम स्वनिधि योजना से रेहड़ी-पटरी वालों और पीएम विश्वकर्मा योजना से पारंपरिक कारीगरों को जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 10 करोड़ महिलाओं को भी बैंकों से आर्थिक सहायता मिली है। वहीं, अटल पेंशन योजना के तहत 9 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का दायरा मिला है, जिसमें अकेले ओडिशा के लगभग 38 लाख लोग शामिल हैं।
साइबर सुरक्षा और ओडिशा में विकास पर जोर
बैंकिंग व्यवस्था के भविष्य पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था पर हमला करके भी लड़े जाते हैं। इसलिए बैंकिंग प्रणाली को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखना जरूरी है। भुवनेश्वर में स्थापित होने वाले नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान इस दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।
ओडिशा के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास को गति मिली है। खनिज उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का नया इकोसिस्टम विकसित होने से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।