Jaipur News: राजस्थान में एक एमबीबीएस छात्र से जुड़ा अनोखा मामला सामने आया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यूनिवर्सिटी जयपुर में साल 2010 से पढ़ रहा छात्र 2024 तक भी परीक्षा पास नहीं कर सका। इसके बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने उसकी पढ़ाई पर रोक लगा दी है।
अदालत के पिछले आदेश के तहत छात्र को 30 जनवरी 2024 को परीक्षा पास करने का आखिरी मौका दिया गया था। लेकिन वह इस बार भी असफल रहा। उसकी उत्तर पुस्तिका सीलबंद लिफाफे में अदालत के सामने पेश की गई थी, जिसमें वह फिर से फेल पाया गया।
मरीजों की सुरक्षा का हवाला देकर याचिका खारिज
राजस्थान हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा शिक्षा सीधे तौर पर मरीजों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ी है। इसलिए इसमें नियमों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। केवल सहानुभूति या वित्तीय नुकसान के आधार पर किसी भी छात्र को डॉक्टर बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
जस्टिस अरुण मोंगा की बेंच ने छात्र के वकील शेख तारिक की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें बाकी बचे एग्जाम में बैठने की इजाजत मांगी गई थी। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल डिग्री सिर्फ उसी व्यक्ति को मिलनी चाहिए जो निर्धारित शैक्षणिक मानकों को पूरा करता हो।