Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों ने एक बार फिर खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। आतंकवादियों ने ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले दो गैर-स्थानीय हिंदू मजदूरों की नाम पूछकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरी घाटी में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता काफी बढ़ गई है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इस कायराना हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) का हाथ है। पुलिस को यह महत्वपूर्ण इनपुट घटनास्थल पर मौजूद अन्य मजदूरों से मिला है। इस घटना के बाद से सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
पहलगाम हमले जैसे पैटर्न से एजेंसियां चिंतित
सुरक्षा एजेंसियां इसलिए ज्यादा चिंतित हैं क्योंकि इस हमले का पैटर्न पहलगाम हमले जैसा ही है। अप्रैल 2025 में भी पहलगाम में पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर निशाना बनाया गया था। इसके अलावा हाल ही में एक पुलिस कांस्टेबल की भी हत्या की गई थी, जिससे घाटी में दहशत का माहौल है।
कश्मीर में लगभग दो साल बाद बाहरी लोगों को इस तरह निशाना बनाया गया है। सुरक्षा बल इसे शांति प्रयासों को झटका देने की साजिश मान रहे हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुरक्षा समीक्षा की और पुलिस को प्रवासियों की सुरक्षा के लिए एसओपी सख्त करने के आदेश दिए।
फारूक अब्दुल्ला ने समय पर उठाए सवाल
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब भी राज्य का दर्जा वापस मांगने की बात होती है, तभी इस तरह के हमले क्यों होते हैं। वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इसे सुरक्षा में भारी चूक करार दिया है।
घटना के बाद पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पूरे कुलगाम और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है। वाहनों और संदिग्ध लोगों की सघन जांच जारी है, ताकि हमले में शामिल आतंकियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।