New Delhi News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत अब केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक रक्षा निर्माण और निर्यात के क्षेत्र में एक उभरती हुई शक्ति बन चुका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश का सैन्य हार्डवेयर निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को सशस्त्र बलों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने सेना के आधुनिकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने पिछले एक वर्ष के दौरान 8.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को अपनी मंजूरी प्रदान की है।
रक्षा निर्यात में 5500 प्रतिशत से अधिक का उछाल
राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रमाण इसका तेजी से बढ़ता निर्यात है। साल 2013-14 में देश का कुल रक्षा निर्यात मात्र 686 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा 2025-26 में बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये हो गया है, जो एक दशक में 5,500 प्रतिशत से अधिक की भारी वृद्धि दर्शाता है।
स्वदेशी निर्माण और सेना का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकता
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि निरंतर प्रयासों ने घरेलू रक्षा उत्पादन को एक नई दिशा दी है। सरकार ने हथियारों के आयात पर निर्भरता घटाकर स्वदेशी विनिर्माण को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। उन्होंने दोहराया कि सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ देश के सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और मजबूत बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।