Ahmedabad News: देश के कई राज्य इस समय भारी मानसून और बाढ़ की तबाही झेल रहे हैं। गुजरात और असम में हालात सबसे ज्यादा बिगड़ चुके हैं। गुजरात में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो दिनों के भीतर 35 लोगों की जान चली गई, जबकि असम में मृतकों का आंकड़ा 61 पहुंच गया है।
गुजरात के पाटन और राधनपुर जिलों में मूसलाधार बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पाटन के संतालपुर में 24 घंटों के भीतर 381 मिमी पानी बरसा। वहीं राधनपुर में 342 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने उत्तरी गुजरात और सौराष्ट्र के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
युद्धस्तर पर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। राज्य में अब तक 42 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। एनडीआरएफ की 18 और एसडीआरएफ की 32 टीमों के साथ भारतीय सेना के जवानों को भी राहत कार्य में तैनात किया गया है।
अहमदाबाद के ढोलका में 103 और नवसारी में 120 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। अहमदाबाद के भेटावाडा गांव में एनडीआरएफ की टीम ने नाव से एक गर्भवती महिला को एंबुलेंस तक पहुंचाकर अस्पताल भिजवाया। हालांकि दक्षिण गुजरात में बारिश की रफ्तार में कुछ कमी आई है और नर्मदा बांध 68 परसेंट भर गया है।
असम और महाराष्ट्र में भी बिगड़े हालात
असम के नौ जिलों में 7 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात की है। केंद्र सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद और राहत सामग्री देने का आश्वासन दिया है।
असम के शिवसागर में नगालैंड से बहकर आए 53 साल के पालतू हाथी को बचा लिया गया। डिखो नदी के तेज बहाव में फंसे हाथी का इलाज जारी है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र के पालघर में आई बाढ़ से 20 लोगों की मौत हुई थी, जहां पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की मदद दी जा रही है।