Delhi News: देश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब केवल मनोरंजन का जरिया नहीं रहे, बल्कि डिजिटल विरोध का नया केंद्र बन चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के जरिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब इंस्टाग्राम पर आरक्षण हटाने और शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों को लेकर कई नए डिजिटल अभियान शुरू हो गए हैं।
सोशल मीडिया बना युवाओं का नया विरोध केंद्र
इंस्टाग्राम को अब जेनरेशन जेड का नया जंतर-मंतर कहा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद देश में ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ यानी आरएचए तेजी से उभरा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दाखिले और सरकारी नौकरियों में जातिगत आरक्षण खत्म कर केवल योग्यता यानी मेरिट को एकमात्र आधार बनाना है।
आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि 21वीं सदी में सभी नागरिकों को समान अवसर मिलने चाहिए। वे किसी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक जीवन से जाति की पहचान खत्म करने का प्रस्ताव दे रहे हैं। उनका मानना है कि जरूरतमंदों को आर्थिक आधार पर मदद दी जानी चाहिए ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके।
लाखों फॉलोअर्स के साथ सोशल मीडिया पर तेज हुआ ट्रेंड
रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के इंस्टाग्राम पेज से महज 24 से 48 घंटे में 10 लाख से अधिक लोग जुड़ गए। देखते ही देखते इसके फॉलोअर्स की संख्या 4.3 मिलियन तक पहुंच गई। इस पेज पर पोल, रील और छात्रों के इंटरव्यू शेयर किए जा रहे हैं। फिलहाल इस अभियान का कोई एक आधिकारिक संस्थापक सामने नहीं आया है।
पेज के बायो में लिखा है कि इसे बदलाव चाहने वाले आम नागरिक और छात्र चला रहे हैं। युवा इस अभियान के माध्यम से भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि राजनीतिक दल इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बोलने से बचते हैं।
डिजिटल शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील और प्रशासन की सतर्कता
आंदोलन के रणनीतिकारों ने इसे पूरी तरह से पहला शांतिपूर्ण ऑनलाइन प्रदर्शन बताया है। युवाओं से सड़कों पर उतरने के बजाय डिजिटल ताकत का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। समर्थकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनीतिक दलों के कमेंट सेक्शन में जाकर अपनी मांग दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली प्रशासन सतर्क हो गया है। छात्र संगठनों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। एक तरफ युवा मेरिट की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ समर्थकों का तर्क है कि सदियों पुरानी असमानता दूर करने के लिए आरक्षण जरूरी है।
परीक्षा कटऑफ और आरक्षण व्यवस्था पर उठते सवाल
अभियान से जुड़े लोग जेई परीक्षा 2023 और नीट 2025 के कटऑफ के अंतर पर सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार ओबीसी में शामिल 37 प्रतिशत जातियों को कभी इसका लाभ नहीं मिला। देश में 78 साल बाद भी आरक्षण का लाभ सीमित लोगों तक ही पहुंच पाया है।
E20 जनता पार्टी का शुद्ध ईंधन का डिजिटल अभियान
इसी बीच ‘E20 जनता पार्टी’ नाम से एक और डिजिटल अभियान तेजी से चल रहा है। यह कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं, बल्कि वाहन चालकों का एक समूह है। यह अभियान E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण) के साथ-साथ 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल बेचने का विकल्प देने की मांग कर रहा है।
उपभोक्ताओं का तर्क है कि सरकार E20 पेट्रोल उपलब्ध कराए, लेकिन पेट्रोल पंपों पर बिना इथेनॉल वाला सामान्य ईंधन भी मिलता रहना चाहिए। इससे वाहन चालकों को अपनी पसंद का पेट्रोल चुनने की आजादी मिलेगी। इस ऑनलाइन मुहिम को भी सोशल मीडिया यूज़र्स का भारी समर्थन मिल रहा है।