Delhi News: पेपर लीक विवादों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
इस बड़े घटनाक्रम के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी। अमित शाह ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और देश के विद्यार्थी हैं।
देश और छात्रों के लिए भावुक हुए धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन बेहद दुखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार बीजेपी सरकार देश के युवाओं का पूरा सम्मान करती है। सरकार पेपर लीक जैसी समस्याओं के खिलाफ कड़े सुधार करने और व्यवस्था सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अमित शाह ने गिनाईं धर्मेंद्र प्रधान की उपलब्धियां
गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और मातृभाषा में परीक्षा कराने जैसे कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
शाह ने भरोसा जताया कि मोदी सरकार द्वारा पेपर लीक के दोषियों को कठोर सजा देने के फैसलों से विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा और NEET परीक्षा के सफल छात्रों को न्याय मिलेगा।
प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव से केंद्रीय मंत्रिमंडल में विभागों के काम में नया मोड़ आया है।
प्रह्लाद जोशी वर्तमान में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब वह अपने मौजूदा विभाग के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे।