Delhi News: देश भर में एनईईटी (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में यह दूसरा मौका है, जब किसी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री ने अपना इस्तीफा दिया है। इससे पहले साल 2018 में एमजे अकबर ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय में हलचल काफी बढ़ गई है।
राजनाथ सिंह का 2015 का पुराना बयान हुआ वायरल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक पुराना बयान वायरल होने लगा है। यह बयान 24 जून 2015 का है, जब ललित मोदी विवाद के समय कांग्रेस ने सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे के इस्तीफे की मांग की थी।
उस समय राजनाथ सिंह ने कहा था कि एनडीए सरकार में मंत्रियों को इस्तीफा नहीं देना पड़ता है। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के फैसले ने बीजेपी सरकार के इस लंबे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इससे पहले मी-टू आंदोलन के दौरान एमजे अकबर ने विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
जंतर-मंतर पर जश्न, छात्रों ने बताया लोकतंत्र की जीत
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर मिलते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और संगठनों में खुशी छा गई। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए मुन्ना भाई फिल्म का संवाद “सुबह हो गई मामू” दोहराया।
विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने इस इस्तीफे को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया है। इससे पहले छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार 24 जुलाई को अपना अनशन खत्म किया था। इसके बाद से ही केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं।