Delhi News: केंद्र सरकार ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज ने एग्जीक्यूटिव और नॉन-यूनियन सुपरवाइजर के लिए इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ते में इजाफा कर दिया है। भत्ते में यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की मासिक सैलरी बढ़ जाएगी।
विभिन्न वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
इंडस्ट्रial महंगाई भत्ते में हुई यह बढ़ोतरी 1987, 1997, 2007 और 2017 के पे-स्केल के तहत आने वाले कर्मचारियों पर लागू होगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई के अनुसार कर्मचारियों के वेतन में संतुलन बनाना है। संशोधित भत्ते की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में दर्ज बदलावों के आधार पर की गई है।
संशोधित दरें ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले सीपीएसई अधिकारियों पर लागू होंगी। इन सार्वजनिक उपक्रमों का वेतन ढांचा सामान्य केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों से अलग होता है। सार्वजनिक उद्यम विभाग ने सभी प्रशासनिक मंत्रालयों को इन निर्देशों को तुरंत लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
जानिए किस वेतनमान में कितना बढ़ा इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ता
नए संशोधन के बाद 2017 के वेतनमान वाले कर्मचारियों का इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ता मूल वेतन का 55.70 फीसदी हो गया है। वहीं 2007 के पे-स्केल वाले कर्मचारियों के लिए यह दर 241.70 फीसदी पहुंच गई है। 1997 के वेतनमान वाले कर्मचारियों का भत्ता 476.90 फीसदी और 1987 के वेतनमान के लिए यह 18,298 रुपये तय हुआ है।
इसे एक उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। अगर 2017 के पे-स्केल के तहत किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो 55.7 फीसदी की संशोधित दर से उसे 27,850 रुपये का आईडीए मिलेगा। अन्य पुराने वेतनमान वाले कर्मचारियों को भी उनके संबंधित पे-स्ट्रक्चर के अनुसार बढ़ा हुआ भत्ता दिया जाएगा।