Dating Trends: किसी के साथ डेट पर जाने की बात आते ही आमतौर पर कैफे, रेस्टोरेंट या पार्क का ख्याल आता है। कपल्स इन जगहों पर जाकर बातचीत करते हैं। लेकिन Gen-Z अब इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। वे भीड़ और शोर से दूर कब्रिस्तान में मिलना पसंद कर रहे हैं, जिसे ग्रेवयार्ड डेटिंग कहा जा रहा है।
जानिए क्या है ग्रेवयार्ड डेटिंग का असली मतलब
ग्रेवयार्ड का सीधा मतलब कब्रिस्तान होता है, जहां अंतिम संस्कार किया जाता है। सुनने में यह तरीका डरावना और अजीब लगता है, लेकिन युवा इसमें सुकून ढूंढ रहे हैं। कब्रिस्तान में शोर-शराबा नहीं होता और न ही किसी की नजरों का डर रहता है। इसी वजह से युवाओं को यह नया तरीका पसंद आ रहा है।
यह ट्रेंड शोर-शराबे वाली डिजिटल लाइफस्टाइल के खिलाफ एक तरह की बगावत भी है। सोशल मीडिया पर लोग खुद को परफेक्ट दिखाने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन इस तरह की डेटिंग में ऐसा कोई दिखावा नहीं करना पड़ता। यहां पार्टनर के सामने भी किसी तरह का नाटक करने की कोई जरूरत नहीं होती है।
सन्नाटे में मुलाकात के फायदे और संभावित नुकसान
कब्रिस्तान में डेट करने से शांत माहौल मिलता है। वहां कोई दिखावा या भारी-भरकम खर्चा नहीं होता है। सन्नाटे में लोग इधर-उधर की बातें करने के बजाय सिर्फ मुद्दे पर बात करते हैं। इसके अलावा युवाओं को कैफे और रेस्टोरेंट वाली पुरानी और बोरिंग डेट्स से एक नया ब्रेक भी मिल जाता है।
दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड की काफी आलोचना भी की जा रही है। रात के अंधेरे और सन्नाटे में सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खतरा हो सकता है। इसके अलावा कमजोर दिल वाले लोगों को डर के कारण अचानक एंग्जायटी या पैनिक अटैक आने का खतरा भी बना रहता है।