Vastu Tips: सूर्यास्त के बाद भूलकर भी न खरीदें ये चीजें, बढ़ सकती है आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव

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Delhi News: घर की सुख-समृद्धि में वास्तु विज्ञान का बड़ा योगदान होता है। सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने और नकारात्मक असर को कम करने के लिए वास्तु में कई नियम हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद कुछ खास चीजों की खरीदारी से हमेशा बचना चाहिए।

वास्तु शास्त्र के अनुसार शाम को नमक, झाड़ू, सरसों का तेल, दूध और काला तिल जैसी चीजें खरीदना अशुभ होता है। ऐसा करने से घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच तनाव का माहौल भी बन सकता है।

शाम के समय नमक और झाड़ू खरीदना वर्जित

नमक को घर की समृद्धि और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए भी इसका उपयोग होता है। शाम को नमक खरीदने से घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए नमक जैसी जरूरी चीजें हमेशा दिन के उजाले में ही खरीदें।

झाड़ू को धन की देवी माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सूर्यास्त के बाद नई झाड़ू घर लाना ठीक नहीं होता। इससे घर की सुख-समृद्धि पर बुरा असर पड़ता है। झाड़ू की खरीदारी हमेशा सुबह या दोपहर में ही करें।

सरसों का तेल और दूध लाने से बचें

सरसों का तेल पूजा-पाठ और शनि देव की आराधना में इस्तेमाल होता है। वास्तु के अनुसार शाम के वक्त सरसों का तेल खरीदने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसका बुरा असर परिवार के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है, इसलिए सतर्क रहें।

दूध का सीधा संबंध चंद्रमा से होता है और इसे पवित्र माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद दूध खरीदने से मानसिक तनाव बढ़ता है। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा घटने लगती है। जरूरत का दूध हमेशा दिन में ही खरीदकर रख लें।

काले तिल की खरीदारी और अन्य जरूरी नियम

काले तिल का धार्मिक कार्यों और दान में बहुत महत्व होता है। शाम को काला तिल खरीदने से मानसिक चिंता और तनाव बढ़ने की आशंका रहती है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक काले तिल की खरीदारी भी हमेशा सूरज ढलने से पहले ही कर लेनी चाहिए।

वास्तु में खरीदारी के साथ-साथ सही समय का ध्यान रखना भी जरूरी है। शाम को घर का माहौल हमेशा शांत रखें और झगड़ों से बचें। इस समय घर में दीपक जलाने, साफ-सफाई रखने और ईश्वर की प्रार्थना करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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