Delhi News: पर्यावरण और फैशन के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि ने थ्रिफ्ट शॉपिंग को बेहद लोकप्रिय बना दिया है। इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कम इस्तेमाल किए गए और विंटेज कपड़ों की बिक्री तेजी से बढ़ी है। हालांकि सही सावधानी न बरतने पर खरीदार ऑनलाइन ठगी का शिकार भी हो सकते हैं।
पेज की प्रामाणिकता और ग्राहकों के रिव्यू की जांच
किसी भी नए पेज से खरीदारी करने से पहले उसकी प्रोफाइल और विश्वसनीयता जरूर जांचें। कस्टमर फीडबैक, स्टोरी हाइलाइट्स और पोस्ट्स पर लोगों के कमेंट्स ध्यान से पढ़ें। यदि किसी पेज पर कमेंट्स बंद हों या रिव्यू उपलब्ध न हों, तो ऐसे सेलर से कपड़े खरीदने से बचना ही सुरक्षित रहता है।
थ्रिफ्ट किए गए कपड़े ज्यादातर सिंगल पीस होते हैं, जिससे एक्सचेंज की गुंजाइश नहीं रहती। इसलिए ऑर्डर देने से पहले सेलर से सही नाप मांग लें। ये कपड़े पहले इस्तेमाल किए होते हैं, लिहाजा इनमें दाग या कटाव होने का खतरा रहता है। कपड़े की असली कंडिशन की पूरी जानकारी पहले ले लें।
ऑनलाइन पेमेंट और पार्सल रिटर्न नियमों की समझ
ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करते समय क्यूआर कोड और अकाउंट नाम की पुष्टि पेज से जरूर करें। थ्रिफ्ट स्टोर्स अक्सर ‘नो रिटर्न’ पॉलिसी पर काम करते हैं। डिलीवरी चार्ज, डिलीवरी समय और पार्सल खोलने का वीडियो बनाने की शर्तों को पहले ही स्पष्ट कर लें, ताकि बाद में किसी विवाद से बचा जा सके।
