Lucknow News: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हुआ है। शासन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से भर्ती के अधिकार वापस ले लिए हैं। अब डॉक्टरों की पूरी चयन प्रक्रिया एनएचएम स्तर से सीधे पूरी की जाएगी।
डॉक्टरों की भर्ती में काफी समय से गड़बड़ी और धांधली के गंभीर आरोप लग रहे थे। शासन स्तर पर हुई जांच में इन आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भर्ती का जिम्मा एनएचएम की मानव संसाधन टीम को सौंप दिया।
एनएचएम ने साक्षात्कार आधारित भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई
एनएचएम की जीएम (मानव संसाधन) ने सीएमओ के माध्यम से होने वाले इंटरव्यू पर रोक लगा दी है। उन्होंने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संबंधित अधिकारियों को नए निर्देश दिए। अब राज्य स्तर से जिलों को खाली पदों की जानकारी और समय-सीमा दी जाएगी।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य डॉक्टर भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाना है। सीएमओ स्तर पर लंबे समय से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। एनएचएम की सीधी निगरानी से अब योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष अवसर मिल सकेगा।
हालांकि, इस नए आदेश से डॉक्टरों की तैनाती में देरी होने की आशंका भी जताई जा रही है। एनएचएम में पहले से ही डॉक्टरों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में भर्ती में समय लगने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानी हो सकती है।