Shimla News: हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर 2.86 लाख गरीब परिवारों की महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि मिलने की उम्मीद है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाने की तैयारी है। साथ ही सरकार 300 यूनिट मुफ्त बिजली और पक्के मकान से जुड़ी योजनाओं की घोषणा भी कर सकती है।
हिमाचल प्रदेश में सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश के गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। इस मौके पर ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ के तहत करीब 2.86 लाख गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की संभावना है। सरकार इस ऐतिहासिक अवसर पर आर्थिक सहायता के अलावा 300 यूनिट निश्शुल्क बिजली और पक्के मकान से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करने पर भी विचार कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय कार्यक्रम हमीरपुर में आयोजित किया जा सकता है।
36 हजार पात्र महिलाओं का चयन, सत्यापन प्रक्रिया जारी
योजना के सही क्रियान्वयन और वास्तविक पात्रों तक लाभ पहुंचाने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ऑनलाइन डेटा की गहन जांच कर रहा है। विभागीय स्तर पर छंटनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है और अब तक करीब 36 हजार महिलाओं का चयन पूरा कर लिया गया है। शेष आवेदनों और आंकड़ों की जांच जारी है, ताकि तय समय सीमा के भीतर अंतिम सूची तैयार की जा सके।
21 से 59 वर्ष आयु वर्ग के लिए तय किए गए कड़े नियम
योजना का लाभ लेने के लिए गरीब परिवारों की 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की पात्रता परखी जा रही है। नियमों के तहत केवल गरीब परिवार से होना ही इस योजना के लिए पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित आयु और अन्य शर्तों को पूरा करना अनिवार्य रहेगा। जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
300 यूनिट फ्री बिजली और पक्के मकान की तैयारी
सरकार की योजना सुखी परिवार योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 300 यूनिट निश्शुल्क बिजली उपलब्ध करवाने की है। इसके अतिरिक्त, कच्चे मकानों में रह रहे या आवासहीन परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पक्के मकान उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य कमजोर वर्गों को सीधी आर्थिक मदद पहुंचाने के साथ-साथ उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है।
1500 रुपये की मासिक सहायता मिलने से महिलाओं को रोजमर्रा के घरेलू खर्च, दवाइयों और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में काफी संबल मिलेगा। हालांकि, कुल कितनी महिलाओं को वास्तविक रूप से यह लाभ मिल सकेगा, यह पूरी छंटनी प्रक्रिया और सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 11 दिसंबर 2022 को पदभार संभाला था। चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर हमीरपुर में प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान होने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर अब प्रदेश भर की नजरें टिकी हुई हैं।