Shimla News: राजधानी शिमला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नई इलेक्ट्रिक बसें आने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। हिमाचल पथ परिवहन निगम के करीब 47 ग्रामीण रूट बंद पड़े हैं। इस कारण नौकरीपेशा लोगों, किसानों और बागवानों को रोजमर्रा के सफर में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण इलाकों में बंद पड़े हैं एचआरटीसी के दर्जनों रूट
शिमला जिले के ठियोग, चौपाल, रोहड़ू, रामपुर और जुब्बल-कोटखाई जैसे क्षेत्रों में बस सेवा लंबे समय से बाधित है। नियमित परिवहन न मिलने से स्थानीय ग्रामीण निजी टैक्सियों में महंगा किराया चुकाने को मजबूर हैं। आम लोगों की मांग है कि नई बसों को प्रभावित ग्रामीण रूटों पर चलाकर जल्द राहत दी जाए।
इस बीच शिमला को आवंटित नई इलेक्ट्रिक बसों में से 10 बसें देहरा भेज दी गई हैं। इसके चलते अब राजधानी के पास केवल 15 इलेक्ट्रिक बसें बची हैं। स्थानीय निवासियों विनय शर्मा, पवन शर्मा और संजीव चौहान का कहना है कि सुबह-शाम बसें न चलने से कामगार समय पर ड्यूटी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ट्रायल सफल होने पर बहाल होंगे पुराने रूट: एचआरटीसी
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक देवासेन नेगी ने बताया कि नई इलेक्ट्रिक बसों से पुराने रूट अभी दोबारा शुरू नहीं किए गए हैं। इन नई गाड़ियों को कंडम हो चुकी पुरानी डीजल बसों की जगह बदला गया है। वर्तमान में ये गाड़ियां ट्रायल बेस पर चल रही हैं और ट्रायल सफल रहने पर इन्हें बंद रूटों पर भेजा जाएगा।