Shimla News: राजधानी शिमला में गहराते जल संकट को लेकर भाजपा ने प्रदेश सरकार और नगर निगम पर निशाना साधा है। पार्टी के प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने आरोप लगाया कि शहर में पीने के पानी की भारी किल्लत है। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है।
करोड़ों के प्रोजेक्ट में अनियमितताओं की जांच पर घेरा
कर्ण नंदा ने कहा कि सरकार ने 972 करोड़ रुपये की 24×7 पेयजल योजना को स्थायी समाधान बताकर प्रचारित किया था। अब उसी योजना में गड़बड़ी की आशंका के चलते मुख्यमंत्री कार्यालय को जांच बैठानी पड़ी है। उन्होंने सवाल किया कि समय रहते निगरानी क्यों नहीं हुई, जिससे जनता को पानी मिलने के बजाय प्रोजेक्ट जांच में उलझ गया।
भाजपा नेता ने प्रोजेक्ट के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि योजना के तहत 5,500 कनेक्शन दिए जाने थे, लेकिन नई लाइन से एक भी कनेक्शन नहीं जुड़ा। इसके अलावा तय 19 टैंकों में से एक भी तैयार नहीं हुआ है। 136 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन में से केवल 51 किलोमीटर लाइन ही बिछाई जा सकी है।
अधूरे कार्यों और धीमी रफ्तार पर खड़े किए सवाल
नंदा ने बताया कि 27 किलोमीटर फीडर में से मात्र 5 किलोमीटर काम हुआ है, जबकि नॉन-रेवेन्यू वाटर और क्लोरीनेशन पर शून्य काम सामने आया है। राजधानी के कई इलाकों में लोगों को चौथे दिन पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार 24 घंटे पानी के झूठे वादे कर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।