Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बदले की भावना के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। हमीरपुर चयन आयोग को भंग करके पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है। भर्तियों में अब निष्पक्षता रहेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोक सेवा आयोग की भर्तियों में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों के अंक जोड़कर मेरिट बनेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात खत्म होगा। 20 वर्षों में पहली बार विधानसभा का मानसून सत्र 10 दिनों का रखा गया है। उन्होंने विपक्ष से सदन में रचनात्मक चर्चा करने की अपील की।
सीएम सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों को वॉकआउट की राजनीति छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की संपदा के दुरुपयोग पर जल्द व्हाइट पेपर लाएगी। मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर चलने वाली फर्जी और भ्रामक खबरों के प्रति भी लोगों और मीडिया को सतर्क किया।
मानसून सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली जाएंगे। वहां वह केंद्र के समक्ष बीबीएमबी और किशाऊ बांध से जुड़े वित्तीय मामलों को मजबूती से उठाएंगे। राज्य के पक्ष में फैसला आने पर हिमाचल को सालाना करीब 1,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। इससे प्रदेश की आर्थिकी सुधरेगी।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को सद्भावना दिवस पर श्रद्धांजलि देते हुए सीएम ने उनके ऐतिहासिक फैसलों को याद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी 54 प्रतिशत पहुंच चुकी है। साथ ही राज्य में 68 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं।
किसानों की भलाई के लिए सरकार प्राकृतिक गेहूं 80 रुपये, मक्की 50 रुपये, अदरक 30 रुपये और हल्दी 150 रुपये प्रति किलो खरीद रही है। हमीरपुर में उत्तर भारत की पहली आधुनिक टेस्टिंग लैब भी स्थापित हो चुकी है। आगामी बजट में सरकारी स्कूलों को अतिरिक्त वित्तीय मदद दी जाएगी।