हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने आईएसबी के साथ मिलकर शुरू किया एआई आधारित फॉरेस्ट इंटेलिजेंस सिस्टम

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ‘फॉरेस्ट इंटेलिजेंस’ सिस्टम लॉन्च किया है। इसका मुख्य उद्देश्य वन प्रबंधन को बेहतर बनाना और राज्य की 22,600 करोड़ रुपये की हरित जैव-अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

आधुनिक तकनीक से होगी हिमाचल के वनों की प्रभावी निगरानी

यह एआई आधारित सिस्टम हिमाचल प्रदेश के जंगलों, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरणीय बदलावों की निगरानी को मजबूत बनाएगा। इसके जरिए वन विभाग को वैज्ञानिक डेटा और आधुनिक तकनीक के आधार पर सटीक निर्णय लेने में मदद मिलेगी। इस पहल से वन संसाधनों के संरक्षण को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

फॉरेस्ट इंटेलिजेंस सिस्टम का इस्तेमाल जंगलों का आकलन करने, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के असर को समझने में होगा। हिमाचल में बड़े वन क्षेत्र मौजूद हैं जो पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं। नई तकनीक से वन प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और असरदार बनाया जा रहा है।

अवैध कटान और जंगलों की आग पर लगेगी रोक

अधिकारियों के मुताबिक, यह तकनीक एआई और डेटा एनालिसिस का उपयोग करके महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाएगी। इससे वनों में लगने वाली आग, अवैध कटान और पर्यावरणीय बदलावों की तुरंत पहचान हो सकेगी। यह प्रणाली खतरों को समय रहते पहचानकर तुरंत कार्रवाई करने में वन कर्मियों के लिए बेहद मददगार साबित होगी।

इस पहल का मकसद केवल वन बचाना नहीं, बल्कि हरित रोजगार और जैव उद्योगों को बढ़ावा देना भी है। सरकार का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय समुदायों को नए अवसर मिलेंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे।

तकनीक और नीति का बेहतरीन समन्वय

आईएसबी के भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी ने नीति निर्माण और डेटा आधारित समाधान तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई है। संस्थान और वन विभाग की यह साझेदारी पर्यावरण संरक्षण में तकनीक के इस्तेमाल की मिसाल है। इससे भविष्य की योजनाओं को ज्यादा व्यावहारिक और सटीक बनाने में मदद मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश सरकार एआई और आधुनिक तकनीकों की मदद से वनों की सुरक्षा करते हुए हरित विकास की तरफ कदम बढ़ा रही है। यह एआई सिस्टम भविष्य में पर्यावरणीय नीतियों को लागू करने में काफी सहायक होगा। इससे पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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