Shimla News: हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राजस्व विभाग ने पत्रकारों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया। मानसून के दौरान आपदा की सही और प्रामाणिक सूचनाएं जनता तक पहुंचाने के लिए यह पहल की गई। कार्यशाला में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकार शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विशेष सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने की। इस दौरान अतिरिक्त सचिव निशांत ठाकुर और अतिरिक्त सचिव सुनील वर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि आपदा के समय सही जानकारी देना जरूरी है। मीडिया प्रशासन और जनता के बीच मजबूत कड़ी का काम करता है।
कार्यशाला में आयोजित तकनीकी सत्रों को हृदयेश जोशी और मयंक अग्रवाल ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी खबर को चलाने से पहले तथ्यों की पड़ताल बेहद जरूरी है। केवल आधिकारिक और प्रमाणित सूचना को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए। भ्रामक खबरें राहत व बचाव कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और मीडियाकर्मियों के बीच संवादात्मक सत्र भी हुआ। इसमें आपदा के समय बेहतर समन्वय, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और प्रामाणिक जानकारी के प्रसार पर विचार-विमर्श हुआ। पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा किए और आपदा प्रबंधन को लेकर अपने सुझाव भी दिए।
वक्ताओं ने रेखांकित किया कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं के समय मीडिया की भूमिका बढ़ जाती है। ऐसे समय में तथ्यों पर आधारित सटीक रिपोर्टिंग और अफवाहों पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। इससे प्रभावित लोगों तक राहत तेजी से पहुंचाई जा सकती है।