Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ढली फोरलेन पर बन रही ट्विन टनल के कारण संजौली समिट्री इलाके के मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे यहां सैकड़ों घरों पर खतरा मंडराने लगा है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत राहत और सुरक्षा से जुड़े जरूरी कदम उठाए हैं।
इस गंभीर स्थिति को लेकर शिमला के डीसी अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को एक अहम बैठक हुई। बैठक में प्रभावित लोगों की समस्याओं और उनके समाधान पर गहराई से चर्चा की गई। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षा और जरूरी आर्थिक सहयोग का पूरा भरोसा दिया है।
बैठक में तय हुआ कि राजस्व विभाग के अधिकारी उन मकानों की पहचान करेंगे जिनमें तुरंत मरम्मत की जरूरत है। इसके बाद निर्माण कंपनी एक विशेष रिपेयर रोडमैप तैयार करेगी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मरम्मत कार्य की गुणवत्ता जांचेंगे और उनके अनुमोदन के बाद ही काम पूरा माना जाएगा।
प्रशासन टनल के ऊपर आने वाले 100 मीटर के पूरे इलाके का निरीक्षण करेगा। इस कार्य को तीन अलग-अलग हिस्सों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 11-11 मीटर की टनल के ठीक ऊपर, फिर बीच के 20 मीटर और अंत में दोनों तरफ के 30-30 मीटर के मकानों का आकलन होगा।
बैठक के दौरान एनएचएआई ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में टनल निर्माण के लिए कोई ब्लास्टिंग नहीं हो रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने निर्माण कंपनी को दी गई ब्लास्टिंग की अनुमति तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दी है, ताकि भविष्य में कोई बड़ा खतरा न पैदा हो सके।
दरारों के सही तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम बुलाई गई है। यह विशेषज्ञ टीम प्रभावित मकानों की वैज्ञानिक जांच करेगी। इसके साथ ही टीम आगे टनल का निर्माण सुरक्षित तरीके से करने के लिए जरूरी तकनीकी उपाय और सावधानियां भी सुझाएगी।
इस समीक्षा बैठक में एडीएम पंकज शर्मा, एडीएम ज्ञान सागर नेगी, एसडीएम मंजीत शर्मा और एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा गवार कंस्ट्रक्शन के जनरल मैनेजर कुलदीप गुजराल, भारत कंस्ट्रक्शन के सदानंद मोहंती और नायब तहसीलदार लायक राम शर्मा समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
सूचना मिलते ही एडीएम और एसडीएम की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जायजा लिया था। इसके बाद डीसी और एसपी शिमला ने भी आला अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाके का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर स्थिति को समझा और उनकी सभी परेशानियां सुनीं।
उपायुक्त ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ उनके साथ खड़ा है। लोगों की जान-माल की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बर्दाश्त होगी। प्रशासन प्रभावित इलाके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाएगा।