Shimla News: हिमाचल प्रदेश की सियासत से इस वक्त एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया है। उनके इस अचानक फैसले से राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।
दिग्गज नेता कौल सिंह ठाकुर ने अपने राजनीतिक संन्यास की घोषणा किसी चुनावी मंच से नहीं की। उन्होंने हरियाणा में धर्मगुरु संत रामपाल के आश्रम जाकर उनके सामने यह ऐलान किया। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अब राजनीति में नए चेहरों और युवाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार कौल सिंह ठाकुर बीते दिन हरियाणा स्थित संत रामपाल के आश्रम पहुंचे थे। वहां धर्मगुरु से भेंट के दौरान उन्होंने अपना परिचय दिया। कांग्रेसी नेता ने संत के सामने अपने लंबे और शानदार राजनीतिक सफर का पूरा ब्योरा विस्तार से साझा किया।
आश्रम में साझा किया अपना लंबा राजनीतिक सफर
कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि वे हिमाचल प्रदेश में आठ बार विधायक चुने गए हैं। उन्होंने चार बार कैबिनेट मंत्री के रूप में सरकार में जिम्मेदारी निभाई है। इसके अलावा वे दो बार हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
अपना पूरा राजनीतिक परिचय देने के बाद कौल सिंह ने कहा कि अब उन्होंने राजनीति से पूरी तरह रिटायरमेंट ले ली है। इस पर संत रामपाल ने उन्हें अध्यात्म के रास्ते पर चलने और भक्ति करने की सलाह दी। धर्मगुरु ने वरिष्ठ नेता को दीक्षा लेने को भी कहा।
धर्मगुरु संत रामपाल को दिया शिमला आने का न्यौता
दिग्गज नेता ने धर्मगुरु को बताया कि वे और उनकी पत्नी नियमित रूप से उनका सत्संग सुनते हैं। कौल सिंह ने संत रामपाल को प्राकृतिक फल भी भेंट किए। इसके साथ ही उन्होंने धर्मगुरु को मई और जून की गर्मियों के दौरान शिमला आने का विशेष निमंत्रण दिया।