Kangra News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार योजना के तहत मांझी खड्ड पर बनने वाले रनवे ब्रिज को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुणे से आए केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र (सीडब्ल्यूपीआरएस) के विशेषज्ञों और वाप्कोस (WAPCOS) इंडिया लिमिटेड की टीम ने हिस्सा लिया।
380 मीटर लंबा और 360 मीटर चौड़ा होगा अनोखा रनवे ब्रिज
विशेषज्ञों ने खड्ड पर बनने वाले पुल के तकनीकी पहलुओं, सुरक्षा मानकों और पानी के बहाव से जुड़े डिजाइन की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर यह पुल लगभग 380 मीटर लंबा और 360 मीटर चौड़ा होगा। इसके निर्माण के बाद यहां बड़े जेट विमान आसानी से उतर सकेंगे।
इस रनवे ब्रिज के बनने से कांगड़ा हवाई अड्डे पर एयरबस ए-320 और बोइंग-737 जैसे बड़े कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो जाएगी। बैठक समाप्त होने के बाद विशेषज्ञों की पूरी टीम ने मौके का दौरा कर विभिन्न बिंदुओं की जांच की। सहायक प्रबंधक शैलेश कुमार ने बताया कि पुल के डिजाइन को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
हिमाचल के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
मांझी खड्ड पर बनने वाला यह पुल भारत का दूसरा रनवे ब्रिज होगा। बड़े विमानों की आवाजाही शुरू होने से धर्मशाला, मैक्लोडगंज सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना को राज्य के आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक रोबिन, जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान, लोक निर्माण विभाग व जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने समन्वय बनाकर काम करने पर सहमति जताई।