Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की युवा कलाकार ज्योति नाथ ने उज्जैन में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला में अपनी शानदार कला का प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपनी पेंटिंग्स के जरिए चंबा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ‘चंबा कलम’ शैली को राष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दिलाई है।
मध्यप्रदेश संस्कृत परिषद और कालिदास संस्कृत अकादमी की ओर से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें ज्योति ने सदियों पुरानी पारंपरिक लघु चित्रकला शैली की खास तकनीकों को अपनी कलाकृतियों में उकेरा। उनकी बनाई पेंटिंग्स ने वहां मौजूद कला प्रेमियों और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
ज्योति ने पारंपरिक चंबा कला को आधुनिक शैली के साथ मिलाकर एक बेहद खूबसूरत प्रयोग पेश किया। उनकी कलाकृतियों ने संदेश दिया कि पुरानी सांस्कृतिक धरोहर को नए विचारों के साथ युवाओं में लोकप्रिय बनाया जा सकता है। इस राष्ट्रीय वर्कशॉप में पूरे हिमाचल प्रदेश से केवल दो कलाकारों का चयन हुआ था।
खास बात यह रही कि ज्योति इस राष्ट्रीय आयोजन में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की कलाकार थीं। उन्होंने ‘चलो चंबा’ अभियान की सोच को आगे बढ़ाते हुए अपनी कला के जरिए चंबा के पर्यटन, कला और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर उभारा। उनकी यह उपलब्धि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही है।
ज्योति ने अपनी लगन और रचनात्मकता से साबित कर दिया कि पारंपरिक कला को व्यापक पहचान दिलाई जा सकती है। स्थानीय कला प्रेमियों ने उनकी इस सफलता पर खुशी जाहिर की है। उनका मानना है कि ऐसे प्रयासों से चंबा की लोक कलाओं को देश-दुनिया में नया जीवन मिलेगा।