Shimla News: हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) में वित्तीय देनदारियों और भत्तों को लेकर असंतोष गहरा गया है। पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति का दिया गया अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद अब पेंशनर्स ने 3 नवंबर से निगम मुख्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव करने का निर्णय लिया है। वहीं, त्योहारी सीजन को देखते हुए स्टेट HRTC कंडक्टर यूनियन ने भी दिवाली से पहले पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) जारी करने और हर महीने की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
एक साल से पेंशन का इंतजार कर रहे 207 कर्मचारी
गत वर्ष सितंबर में सेवानिवृत्त हुए 207 कर्मचारियों को एक साल गुजर जाने के बाद भी पेंशन नहीं मिल पा रही है। सभी के पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी होने के बावजूद बजट उपलब्ध न होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। कर्मचारी और पेंशनर दोनों ही अपने भुगतान की एक निश्चित तारीख चाहते हैं। पेंशनरों को पिछले साल घोषित तीन प्रतिशत और इस वर्ष का पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता भी नहीं मिला है।
पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अन्य विभागों के विभिन्न आयु वर्ग के पेंशनरों को सभी वित्तीय लाभ दे दिए हैं, लेकिन HRTC पेंशनर्स की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मजबूरी में उन्हें अपने हक के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है और यदि तुरंत भुगतान आदेश जारी नहीं हुए, तो 3 नवंबर से मुख्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा।
निगम कैश फ्लो की समस्या से जूझ रहा: प्रबंध निदेशक
इस मामले पर HRTC के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी का कहना है कि निगम भारी वित्तीय घाटे और नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) के दबाव से जूझ रहा है, फिर भी कर्मचारियों को वेतन और पेंशन का समयबद्ध भुगतान उनकी प्राथमिकता है। पेंशनरों के लंबित एरियर और ग्रेच्युटी के निपटारे के लिए राज्य सरकार और वित्त विभाग के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द आवश्यक बजट का प्रावधान कराया जा सके।
कंडक्टर यूनियन ने की दिवाली से पहले राहत की मांग
उधर, स्टेट HRTC कंडक्टर यूनियन के प्रांतीय प्रधान प्रीत महिंदर, महासचिव दीपेंद्र कंवर और संगठन मंत्री प्रमोद ठाकुर ने उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से गुहार लगाई है कि 7 और 8 नवंबर को दिवाली का त्योहार है, ऐसे में कर्मचारियों को अपनी तैयारियों के लिए नकदी की सख्त जरूरत है।
यूनियन ने मांग की है कि सभी कर्मचारियों के खातों में अक्टूबर की तरह 5 तारीख के बजाय इस बार महीने की पहली तारीख को ही मासिक वेतन डाला जाए। साथ ही, बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक राहत देने के लिए पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) की किश्त भी तुरंत जारी की जाए।