Shimla News: हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के 13 पदाधिकारियों को निलंबित किए जाने के फैसले के बाद संगठन के भीतर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। युवा कांग्रेस के तीन बार चयनित पूर्व प्रदेश महासचिव और भोरंज विधानसभा क्षेत्र से जुड़े सुक्रांत भाटिया ने इस कार्रवाई को एकतरफा और अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार, कांग्रेस संगठन और युवा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इस निष्कासन के फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग की है।
कार्यकर्ताओं की मेहनत और निष्ठा का अपमान
सुक्रांत भाटिया ने कड़ा रोष जताते हुए कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने विपरीत परिस्थितियों में पार्टी के लिए संघर्ष किया, लाठियां खाईं और सड़कों पर आंदोलन किए, आज उन्हीं निष्ठावान साथियों को बिना किसी ठोस आधार के बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। यह केवल कुछ पदाधिकारियों का निष्कासन नहीं है, बल्कि उन तमाम जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत का अपमान है, जिन्होंने वर्षों तक संगठन को मजबूत करने में अपना समय और ऊर्जा लगाई है।
उन्होंने कहा कि निष्कासित पदाधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों में युवा कांग्रेस को मजबूत करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। ऐसे में केवल दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल न हो पाने को कार्रवाई का आधार बनाना बिल्कुल उचित नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति की अपनी पारिवारिक और सामाजिक मजबूरियां होती हैं, जिन्हें नेतृत्व को समझना चाहिए।
एसी कमरों की राजनीति पर साधा निशाना
संगठन के कुछ नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए भाटिया ने कहा कि राजनीति एसी कमरों में बैठकर और केवल तस्वीरें खिंचवाकर नहीं चलती। असली राजनीति जनता के बीच रहकर और आम कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में साथ खड़े होने से होती है। यदि जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले युवाओं की इसी तरह अनदेखी की जाती रही, तो इससे संगठन का मनोबल कमजोर होगा और पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी, भारतीय युवा कांग्रेस के नेतृत्व और आलाकमान से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जमीनी और संघर्षशील कार्यकर्ताओं का अपमान बंद नहीं हुआ, तो पार्टी को इसकी बड़ी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। भाटिया ने मांग की है कि निष्कासन का फैसला तुरंत वापस लिया जाए और तानाशाही रवैये के बजाय संगठन में संवाद की व्यवस्था स्थापित की जाए।