Shimla: हिमाचल प्रदेश खेल विभाग द्वारा अक्टूबर माह के अंत में आयोजित नगद इनाम समारोह विवादों में घिर गया है। समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, लेकिन उन्हें तराशने वाले कई प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों (कोचेस) को न तो नगद इनाम मिला और न ही मंच पर उचित सम्मान दिया गया, जिससे खेल जगत और अभिभावकों में गहरी नाराजगी है।
प्रशिक्षकों की अनदेखी और भेदभाव के आरोप
खेल नीति के प्रावधानों के बावजूद विभाग से बाहर कार्यरत कई अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षकों को नजरअंदाज किया गया। सीमा व सावन के शुरुआती प्रशिक्षक केहर सिंह पटियाल और गोपाल ठाकुर, कबड्डी कोच रतन ठाकुर, मेहर चंद वर्मा, पूजा ठाकुर, हैंडबाल कोच स्नेहलता और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच जौनी चौधरी जैसे दिग्गजों को मंच पर यथोचित सम्मान नहीं मिलने से व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कई प्रशिक्षक अपने शिष्यों को दूर से ही देखते रहे, जबकि नई खेल नीति में प्रशिक्षकों को भी नगद इनाम देने का प्रावधान है।
खिलाड़ियों के सम्मान में कुप्रबंधन और अव्यवस्था
समारोह के दौरान पैरालिम्पिक पदक विजेता और पैरा एशियन खेलों के दो स्वर्ण पदक विजेता निषाद कुमार जैसे शीर्ष खिलाड़ियों के हालिया पदकों का जिक्र तक न होना और एकमात्र ओलंपियन आशीष चौधरी को उनके जाने के बाद मंच पर बुलाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इसके अलावा, दर्जनों राष्ट्रीय पदक विजेताओं को बिना शाल-टोपी और उचित सम्मान के केवल स्टेज के ऊपर-नीचे कर लौटा दिए जाने से खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों का morale डाउन हुआ है। खेल प्रेमियों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों को व्यवस्थित रूप से हर साल आयोजित किया जाए ताकि खिलाड़ियों और उनके गुरुओं का समय पर सही सम्मान हो सके।