Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की तूफानी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार को कांगड़ा, हमीरपुर और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से पूरे प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
प्रदेश के बिलासपुर में श्री नैना देवी में सबसे ज्यादा 130.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा मंडी के मुरारी देवी में 85.8, सिरमौर के नाहन में 45.4 और कसौली में 45 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, लैंडस्लाइड और बारिश के कारण प्रदेश में 95 सड़कें पूरी तरह बंद हैं। इसमें मंडी की 38, कुल्लू की 22 और सिरमौर की 10 प्रमुख सड़कें शामिल हैं।
सड़कों के अलावा बुनियादी सेवाओं पर भारी असर पड़ा है। राज्य में 198 बिजली ट्रांसफार्मर और 56 वाटर सप्लाई स्कीमें ठप हो चुकी हैं। इससे कई इलाकों में बिजली-पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है। इसके साथ ही संवेदनशील और लैंडस्लाइड संभावित इलाकों में यात्रा करते समय पूरी सावधानी बरतने को कहा है।
30 जून से 2 सितंबर के बीच मानसून सीजन में प्रदेश को 1,235.44 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसमें पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति विभाग और निजी संपत्ति की बड़ी तबाही शामिल है।
प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 108 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं खराब मौसम के चलते हुए सड़क हादसों में 158 लोगों की मौत दर्ज की गई है। कुल मिलाकर 266 मौतें हुई हैं।