Shimla News: कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए हिमाचल प्रदेश की प्रियंका ने नीट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। पिता के निधन और मां की 6000 रुपये महीने की नौकरी के बावजूद प्रियंका ने 533 अंक प्राप्त किए हैं। वह अपने गांव किहरी की पहली महिला डॉक्टर बनने जा रही हैं।
पहले ही प्रयास में नीट परीक्षा में लहराया परचम
ठियोग के पास किहरी गांव की रहने वाली प्रियंका ने एससी कैटेगरी में ऑल इंडिया 1608वां रैंक प्राप्त किया है। इससे पहले हुए एग्जाम में भी उन्होंने 612 अंक हासिल किए थे। बायोलॉजी में 100 में से 100 अंक लाकर प्रियंका ने 12वीं में स्कूल टॉप किया था।
शिक्षकों ने उठाया हॉस्टल का खर्च और दिलवाई मुफ्त कोचिंग
प्रियंका के पिता संजीव का पांच साल पहले निधन हो गया था। स्कूल के हेडमास्टर रमेश नेगी और लेक्चरर प्रकाश शर्मा ने बच्ची की प्रतिभा को देखते हुए एस्पायर संस्थान से बात कर उसे मुफ्त कोचिंग दिलाई। दोनों शिक्षकों ने मिलकर हॉस्टल का करीब 9 हजार रुपये का खर्च भी उठाया।
शिक्षकों का समूह उठाएगा आगे की एमबीबीएस पढ़ाई का खर्च
बायोलॉजी टीचर प्रकाश शर्मा बताते हैं कि जानकारी के अभाव में प्रियंका का परिवार उसे बीएससी कराना चाहता था। लेकिन सही मार्गदर्शन से प्रियंका ने नीट क्रैक कर दिया। अब आगे की एमबीबीएस पढ़ाई की फीस का इंतजाम ‘उड़ान’ नामक ग्रुप के सदस्य मिलकर करेंगे।
बेटी की शानदार सफलता पर भावुक हुईं मां रेखा
प्रियंका की मां रेखा ठियोग के सरकारी स्कूल में मल्टी टास्क वर्कर हैं। उन्होंने बताया कि उनके तीनों बच्चे बहुत समझदार हैं। अपनी बेटी की इस बड़ी कामयाबी को देखकर मां काफी भावुक हो गईं। प्रियंका ने भी अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने गुरुओं को दिया है।