Shimla News: हिमाचल प्रदेश में बैंकों व एटीएम के लिए नकदी ले जाने वाली कैश वैन और मोबाइल कैंटीन चलाना अब महंगा हो सकता है। प्रदेश सरकार ने इन दोनों श्रेणियों के व्यावसायिक वाहनों को नए कर के दायरे में लाने का प्रस्ताव तैयार किया है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
परिवहन विभाग द्वारा जारी पहली अधिसूचना के अनुसार हल्के व्यावसायिक वाहनों पर 12 हजार रुपये सालाना कर लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं मध्यम व्यावसायिक वाहनों के लिए 15 हजार और भारी वाहनों के लिए 20 हजार रुपये सालाना कर तय किया गया है। इससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त वित्तीय प्रभाव पड़ेगा।
यह नई कर व्यवस्था केवल हिमाचल प्रदेश में रजिस्टर्ड वाहनों तक ही सीमित नहीं रहेगी। राज्य सीमा में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के पंजीकृत वाहनों को भी इस कर दायरे में लाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के राजस्व संग्रह को काफी मजबूती मिलेगी।
सरकार ने मोटर वाहन कराधान अधिनियम की अनुसूची में जरूरी संशोधन कर इन वाहनों के लिए नई दरें निर्धारित करने की पहल की है। एक अन्य अधिसूचना के तहत हल्के कमर्शियल वाहनों पर 15 हजार रुपये, मध्यम पर 20 हजार और भारी कमर्शियल वाहनों पर 30 हजार रुपये तक का कर प्रस्तावित किया गया है।
विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। तय समय सीमा के भीतर मिलने वाले सभी सुझावों और आपत्तियों पर गहराई से समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही प्रदेश सरकार इस नए टैक्स प्रस्ताव पर अपना अंतिम फैसला लेगी।
