हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती के लिए लागू हुई नीति, किसानों को 1,000 रुपये बीघा में मिलेगा लाइसेंस

Share

- Advertisement -

Kullu News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में भांग की खेती को वैध बनाने के लिए नीति लागू कर दी है। कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने मीडिया को बताया कि सरकार द्वारा गठित सर्वदलीय समिति ने इसका समर्थन किया है। इसमें भाजपा विधायक डॉ. जनक राज, डॉ. हंसराज, सुरेंद्र शौरी और पूर्ण चंद ठाकुर शामिल थे।

सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि भांग की खेती से अल्जाइमर, कैंसर और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए दवाइयां तैयार होंगी। इसके अलावा कॉस्मेटिक, कपड़े, जूते, रस्सी और शॉल जैसे हैंडलूम उत्पादों का निर्माण होगा। किसानों को 1,000 रुपये प्रति बीघा फीस देकर खेती करने की अनुमति मिलेगी, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

भांग की खेती खुले मैदान में नहीं होगी, बल्कि बाड़बंदी या पॉलीहाउस के भीतर ही की जाएगी। कृषि और आबकारी विभाग की सिफारिश पर एक साल के लिए लाइसेंस जारी होगा। खेतों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और जियो टैगिंग से होगी। पॉलीहाउस में आने-जाने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य किया गया है।

फसल की कटाई के बाद स्टोरेज को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। भांग को केवल स्वीकृत और सीसीटीवी निगरानी वाले रजिस्टर्ड गोदामों में ही रखा जा सकेगा। बिक्री के लिए अधिकारियों से पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द होगा और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News