हिमाचल प्रदेश में प्याज और चीनी की कालाबाजारी पर सख्त एक्शन, जमाखोरी रोकने को लेकर 4000 क्विंटल की स्टॉक लिमिट तय

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों तथा संभावित कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग के उड़नदस्ते थोक और खुदरा बाजारों की लगातार जांच कर रहे हैं। त्योहारों के मद्देनजर राशन डिपो के लिए 35,600 क्विंटल चीनी का विशेष कोटा भी मंगवाया गया है।

बाजार में प्याज और चीनी के लगातार बढ़ते दामों को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग के उड़नदस्तों को गोदामों और खुदरा दुकानों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी जिले में जमाखोरी या मनमाने दाम वसूलने की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

शिमला, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, कुल्लू, सिरमौर और ऊना समेत राज्य की प्रमुख मंडियों में प्याज के फुटकर दामों की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। सरकार का मुख्य मकसद व्यापारियों को कृत्रिम किल्लत पैदा करने से रोकना है ताकि आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ न पड़े और वाजिब दाम पर सामान मिले।

रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के दौरान पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए राशन डिपो के लिए 35,600 क्विंटल चीनी का विशेष ऑर्डर दिया गया है। हरियाणा शुगर फेडरेशन से चीनी की यह खेप हिमाचल के थोक गोदामों तक पहुंच गई है। डिपो के माध्यम से आम जनता को रियायती दरों पर चीनी उपलब्ध करवाई जाएगी।

खुले बाजार में चीनी के दाम 60 से 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुके हैं। ऐसे में सरकारी राशन डिपो के जरिए सस्ते दामों पर चीनी की सप्लाई आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी। सरकार की कोशिश है कि त्योहारों के इस सीजन में किसी भी राशन डिपो में चीनी का स्टॉक खत्म न हो।

जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम 4,000 क्विंटल स्टॉक रखने की सीमा तय की है। इससे अधिक स्टॉक पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसके अलावा सभी थोक डीलरों को केंद्रीय खाद्य पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने और हर शुक्रवार अपने मौजूदा स्टॉक की घोषणा करना अनिवार्य किया गया है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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