Shimla News: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने बेटियों के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ किया है कि बिना बेटे के सिर्फ दो बेटियों वाली महिलाओं को आंगनबाड़ी भर्ती में 2 प्राथमिकता अंकों से वंचित नहीं किया जा सकता है।
परिवार नियोजन की अतिरिक्त शर्त को कोर्ट ने किया खारिज
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने 2018 के उस विभागीय स्पष्टीकरण को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें 2 अंक के लिए परिवार नियोजन या नसबंदी की बाध्यता जोड़ी गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 2016 की मूल नीति में अधिकारी अपनी तरफ से कोई नई शर्त नहीं थोप सकते।
अपीलीय अधिकारी की कार्यप्रणाली पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
कोर्ट ने पाया कि वर्ष 2021 की भर्ती में तहसीलदार का प्रमाणपत्र होने के बाद भी याचिकाकर्ता प्रोमिला देवी को शून्य अंक दिए गए थे। अपीलीय अधिकारी द्वारा इस गलती की अनदेखी करने को अदालत ने गैरकानूनी माना और अधिकारी के रवैये पर सख्त टिप्पणी की।
याचिकाकर्ता प्रोमिला देवी को नियुक्ति और बकाया वेतन देने के निर्देश
अदालत ने प्रोमिला देवी को 2 अतिरिक्त अंक जोड़कर 17.50 स्कोर के साथ मोहिन-I केंद्र में आंगनबाड़ी सहायिका पद पर नियुक्त करने का आदेश दिया। साथ ही सरकार को निर्देश दिया कि पिछली तिथि से सेवा लाभ देते हुए 6 महीने के भीतर बकाया वेतन का भुगतान किया जाए।