शिमला के पूर्व एसपी संजीव कुमार गांधी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में दूसरी एफआईआर दर्ज

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Shimla News: शिमला के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजीव कुमार गांधी के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी के मामले में दूसरी प्राथमिकी दर्ज हुई है। 22 अक्टूबर को दर्ज यह नया मामला एसपी कार्यकाल के दौरान पुलिस भवनों और कर्मचारी आवासों के लिए मिले 14.07 लाख रुपये के फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है।

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के तहत दर्ज यह एफआईआर एक ऑडिट समिति की रिपोर्ट के बाद आई है। समिति ने साल 2022-23 और 2024-25 के दौरान मरम्मत कार्यों पर खर्च हुए 1.28 करोड़ रुपये की जांच की। इसमें सामने आया कि बिना किसी विशेष बजट के साउथवुड स्थित उनके आवास पर 14,07,392 रुपये खर्च किए गए।

आवास पर फंड ट्रांसफर और पूर्व एसपी की सफाई

जांच रिपोर्ट के मुताबिक रामपुर एसडीपीओ के लिए निर्धारित 2.80 लाख रुपये और शोघी पुलिस बैरियर Guard Post के 2.50 लाख रुपये भी एसपी आवास में डायवर्ट किए गए। इस फंड डायवर्जन के कारण पुलिस कर्मियों के आवासों की मरम्मत रुक गई और शोघी पुलिस पोस्ट के कर्मचारियों को कंटेनर में काम करना पड़ रहा है।

कल्याण और सुविधाओं के लिए तय फंड को दूसरी तरफ मोड़ना बेहद गंभीर माना जा रहा है। इससे एक दिन पहले भी एक कांस्टेबल की शिकायत पर गांधी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। हालांकि पूर्व एसपी संजीव गांधी ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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