मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का भरमौर में भाजपा पर तीखा हमला, हिमकेयर योजना और फर्जी बिलों के दावों से गरमाई सियासत

Share

- Advertisement -

Bharmour News: भरमौर के लिल्ह में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा की पदयात्राओं और लोकतंत्र बचाने के दावों पर कड़ा पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री के इस भाषण से साफ हो गया है कि आगामी राजनीतिक मुकाबला केवल विकास के दावों तक सीमित नहीं रहने वाला है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लिल्ह की जनसभा से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज पर बड़ा राजनीतिक हमला बोलते हुए हिमकेयर योजना के कथित फर्जी बिलों से लेकर भाजपा की टिकट वितरण व्यवस्था तक को कटघरे में खड़ा किया। उनके संबोधन में स्वास्थ्य व्यवस्था, क्षेत्र का विकास और राजनीतिक वफादारी के मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पुरुषों के बच्चेदानी के ऑपरेशन को लेकर कसा गया तंज सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।

हिमकेयर योजना में अनियमितता और फर्जी बिलों पर सवाल

मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई हिमकेयर योजना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस महत्वाकांक्षी योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पुरुषों की भी बच्चेदानी होती है, जिसका ऑपरेशन किया जाए?

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि डॉ. जनक के नाम से पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन के बिल तक तैयार किए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए शुरू की गई इस योजना में इस तरह की गड़बड़ियां किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए थीं। इसके साथ ही उन्होंने उस दौरान आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

जियालाल की वफादारी और टिकट वितरण पर तंज

मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा की अंदरूनी कलह और राजनीति पर चोट करते हुए पूर्व विधायक जियालाल कपूर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जियालाल वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ भाजपा के लिए झंडे-डंडे उठाते रहे और जगह-जगह पार्टी का प्रचार करते रहे, लेकिन जब पार्टी में टिकट देने की बारी आई तो उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जो चिकित्सक अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे, वे अचानक राजनीति मेंकूद पड़े और जियालाल का टिकट काटकर खुद सीधे चुनाव मैदान में आ डटे।

चिकित्सक से विधायक बने डॉ. जनक, विकास कार्यों पर दें जवाब

डॉ. जनक राज द्वारा गांवों में जाकर लगातार लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने पर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक न्यूरोसर्जन होने के नाते डॉ. जनक के पास गंभीर बीमारियों का विशेष ज्ञान है। यदि उन्हें केवल मरीजों को दवाइयां ही लिखनी थीं, तो वह आईजीएमसी में एमएस (MS) रहते हुए भी यह कार्य कर सकते थे।

मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब उन्हें विधानसभा के पटल पर क्षेत्र की गंभीर समस्याएं उठानी चाहिए और जनता के विकास के लिए धरातल पर काम करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकारी स्कूलों में पांचवीं कक्षा के बच्चे दूसरी कक्षा की किताबें तक नहीं पढ़ पा रहे थे और भरमौर के अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी थी, तब विधायक महोदय कहां थे? होली-उतराला सड़क के अलावा क्षेत्र की अन्य बुनियादी समस्याएं अब अचानक से कैसे दिखाई देने लगी हैं?

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News