London News: तेजी से वजन कम करने की चाहत लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। मोटापे से परेशान लोग सोशल मीडिया के दावों में आकर गैर-प्रमाणित दवाएं ले रहे हैं। रेटाट्रूटाइड नाम की जिस दवा का ट्रायल चल रहा है, उसके नाम पर ब्लैक मार्केट में नकली उत्पाद बेचे जा रहे हैं।
बिना मेडिकल सलाह के इंजेक्शन लेने से किडनी को खतरा
यह अप्रमाणित दवा ब्यूटी सैलून, जिम और इंटरनेट के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा रही है। डॉक्टर्स ने बिना चिकित्सीय देखरेख के ऐसे इंजेक्शन लगाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। नकली दवाओं के इस्तेमाल से उल्टी, दस्त, अत्यधिक बेचैनी और कुछ मामलों में किडनी खराब होने की पुष्टि हुई है।
दवा निर्माता कंपनी एली लिली फिलहाल रेटाट्रूटाइड पर क्लीनिकल ट्रायल कर रही है। कंपनी की योजना अगले वर्ष अमेरिकी एफडीए के सामने आधिकारिक मंजूरी के लिए आवेदन करने की है। बाजार में असली दवा उपलब्ध न होने के बावजूद अवैध रूप से इसके नकली संस्करण बेचे जा रहे हैं।
सोशल मीडिया और ब्लैक मार्केट में फैला अवैध नेटवर्क
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में इसे संक्षेप में “रेटा” नाम से बेचा जा रहा है। लोग ऑनलाइन मंगाकर खुद ही इसके इंजेक्शन लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसके प्रचार के लिए फर्जी तस्वीरें साझा की जा रही हैं। कंपनी ने ऐसी 14 हजार से अधिक वेबसाइट और विज्ञापनों पर कार्रवाई की है।
नकली केमिकल्स से जानलेवा संक्रमण का भारी जोखिम
विशेषज्ञों के मुताबिक ब्लैक मार्केट के उत्पादों में रसायनों की मात्रा और गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती। इनमें खतरनाक तत्व, अशुद्धियां या गलत मात्रा हो सकती है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य नियामक एजेंसी एमएचआरए ने ऐसे कई गैरकानूनी उत्पाद जब्त किए हैं और अवैध नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।