Mumbai News: टीवी शो ‘कसौटी जिंदगी की’ फेम अभिनेत्री श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी इन दिनों अपने हालिया इंटरव्यू को लेकर काफी चर्चा में हैं। राजा ने श्वेता तिवारी द्वारा तलाक के वक्त 93 लाख रुपये का फ्लैट लेने और बेटी पलक तिवारी की कस्टडी छोड़ने के आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। श्वेता ने पहले दावा किया था कि उन्होंने राजा के नाम 1-बीएचके फ्लैट ट्रांसफर किया था, जिसके बदले राजा ने तलाक के कागजात पर दस्तखत किए थे और बेटी की कस्टडी का अपना हक पूरी तरह छोड़ दिया था।
अदालत के आदेशों के बावजूद बेटी से नहीं मिलने देने का आरोप
राजा चौधरी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि साल 2007 में दोनों अलग हुए थे और मामला फैमिली कोर्ट में चला। राजा के मुताबिक 2007 से 2012 के बीच श्वेता 10 बार भी कोर्ट नहीं आईं, जबकि वे हर तारीख पर पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद श्वेता ने कभी पलक से उनकी मुलाकात नहीं कराई।
राजा ने कहा कि उस दौरान वे कानूनी उलझनों में फंसे थे और मुंबई में उन्हें किराए पर भी घर नहीं मिल रहा था। लगातार हो रही परेशानियों से तंग आकर उन्होंने शांति से रहने के लिए एक ठिकाना चाहा। इसी वजह से उन्होंने अपनी संपत्ति का हिस्सा मांगकर मामले का निपटारा करने का फैसला किया।
9 लाख रुपये में पिता ने खरीदा था विवादित फ्लैट
विवादित प्रॉपर्टी के बारे में बताते हुए राजा ने खुलासा किया कि 1-बीएचके फ्लैट मूल रूप से उनके पिता ने शादी के वक्त 9 लाख रुपये में खरीदा था। डाउन पेमेंट उनके पिता ने दी थी और बाद में ईएमआई श्वेता और उन्होंने मिलकर चुकाई। राजा ने कहा कि उन्होंने श्वेता से केवल अपना वही हिस्सा मांगा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्वेता ने शुरुआती शर्तें मानने के बाद पूरी कहानी को उनके खिलाफ मोड़ दिया। राजा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रहने के लिए जगह मांगने को बलिदान की तरह पेश किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि रहने की जगह मांगने को बच्चे की कस्टडी से जोड़कर देखना पूरी तरह गलत है।