Bhopal News: उच्च शिक्षा विभाग ने सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों और अधिकारियों की वर्ष 2025-26 की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) के लिए सख्त दिशानिर्देश दिए हैं। सभी प्राचार्यों, एसोसिएट प्रोफेसरों और सहायक प्रोफेसरों को 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन एसीआर की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना किसी ठोस कारण के नहीं की जा सकेगी प्रतिकूल टिप्पणी
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ बिना ठोस कारण के प्रतिकूल टिप्पणी नहीं होगी। विशेष रूप से ‘डाउटफुल’ या ‘बियॉन्ड डाउट’ जैसी गंभीर टिप्पणियां केवल पर्याप्त तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही दर्ज की जा सकेंगी। रिपोर्टिंग अधिकारी को हर टिप्पणी का आधार देना होगा।
प्रमोशन और सेलेक्शन ग्रेड का मुख्य आधार बनेगी रिपोर्ट
जारी आदेश में कहा गया है कि एसीआर पदोन्नति, वरिष्ठ वेतनमान, चयन वेतनमान और प्रोफेसर ग्रेड देने का प्रमुख आधार होती है। इसलिए रिपोर्ट को निष्पक्ष, तथ्यपरक और पारदर्शी तरीके से तैयार करना जरूरी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी।
तय समय सीमा में प्रक्रिया पूरी न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई
ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान स्वमूल्यांकन, एपीआई अंक, लंबित विजिलेंस जांच और आपराधिक मामलों का ब्योरा दर्ज करना अनिवार्य होगा। 30 जून से पहले ट्रांसफर या रिटायर हुए अधिकारियों की एसीआर प्रक्रिया सक्षम अधिकारी पूरी करेंगे। समय सीमा का पालन न करने पर संबंधित अधिकारी खुद जिम्मेदार होंगे।