Shimla News: शिमला की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने रोहड़ू के बहुचर्चित नाबालिग दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश विवेक शर्मा की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
होटल में कमरा दिलाने के बहाने की थी दरिंदगी
घटना 11 और 12 अक्तूबर 2022 की रात की है। 17 वर्षीय नाबालिग सहेली से मिलने रोहड़ू आई थी। सहेली के न मिलने पर आरोपी मनोहर लाल शर्मा ने उसे होटल में कमरा दिलाने का झांसा दिया। वह हमीरपुर का निवासी है और होटल में शेफ था। आरोपी उसे होटल में ले गया और दुष्कर्म किया।
बचाव पक्ष की दलीलों को अदालत ने किया खारिज
बचाव पक्ष ने एफआईआर में चार दिन की देरी और गवाहों की कमी का तर्क दिया। उन्होंने कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी और विजिटर रजिस्टर की फोटोकॉपी पर भी सवाल उठाए। हालांकि अदालत ने कहा कि नाबालिग मामलों में सदमे के कारण शिकायत में देरी स्वाभाविक है। जांच में छोटी कमियों से मामला खारिज नहीं हो सकता।
पीड़िता के पुनर्वास के लिए मुआवजे की सिफारिश
विशेष अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी। इसके अलावा अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए छह लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने की भी सिफारिश की है। पुलिस थाना रोहड़ू में 15 अक्तूबर 2022 को आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।