Hyderabad News: हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने देश भर में फैले एक बड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क को पकड़ा है। यह गिरोह पुराने 1 रुपये के नोट के बदले 45 लाख रुपये देने का लालच देकर ठगी करता था। पुलिस जांच में देश भर के करीब 450 मामलों से जुड़े 70 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन सामने आए हैं।
पुराने नोट के बदले लाखों का लालच देकर ठगी
पीड़ित नागरिक को जालसाजों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर संपर्क किया था। उन्होंने पुराने 1 रुपये के दुर्लभ सिक्के या नोट के बदले 45 लाख रुपये देने का वादा किया था। इस झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग मदों में कुल 7,93,351 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन वादे के मुताबिक कोई पैसा नहीं मिला।
धोखाधड़ी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने 25 सितंबर को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच अधिकारियों ने पैसों के डिजिटल लेन-देन और बैंक खातों की पड़ताल की, जिससे इस बड़े रैकेट की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
आर्थिक तंगी से अपराध की दुनिया तक का सफर
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रमेश कर्नाटक के बीदर का निवासी है। वह आर्थिक तंगी के कारण परिवार सहित हैदराबाद आकर किराए की कार चलाने लगा था। ड्राइविंग के दौरान ही वह साइबर अपराधियों के संपर्क में आया और जल्द अमीर बनने के लालच में म्यूल अकाउंट जुटाने का अवैध काम शुरू कर दिया।
रमेश ने फरार साथी के साथ मिलकर रामंथपुर इलाके के छात्रों और डिलीवरी पार्टनर्स से संपर्क साधा। उसने मोटा कमीशन देने का लालच देकर 60 से 70 लोगों के बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग विवरण जुटाए। साथ ही रजिस्टर्ड सिम कार्ड भी कूरियर के जरिए हरियाणा स्थित साइबर ठगों के गिरोह को भेजे।
अंबरपेट इलाके से पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे आरोपी अनिल ने भी अलग-अलग बैंकों में तीन बचत खाते खुलवाए थे। उसने कमीशन लेकर इन खातों की पूरी जानकारी रमेश को सौंप दी थी। इंस्पेक्टर एम. सुरेंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 8 अक्टूबर को रामंथपुर से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दो मोबाइल फोन जब्त किए।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकारा कि उन्हें इन खातों के साइबर अपराध में इस्तेमाल होने की पूरी जानकारी थी। देश भर में इस नेटवर्क से जुड़े 60 से 70 करोड़ रुपये के अवैध ट्रांज़ैक्शन होने का अनुमान है। पुलिस अब फरार चल रहे साथी और इस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय संपर्कों की गहनता से तलाश कर रही है।
