Udaipur News: उदयपुर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों तक प्रतिबंधित तंबाकू पहुंचाने और साक्ष्य नष्ट कर मामला दबाने के आरोप में जेल प्रहरी और राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) के हेड कांस्टेबल के खिलाफ सूरजपोल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में दोनों सुरक्षाकर्मियों की कथित मिलीभगत सामने आने के बाद जेल महानिदेशालय के निर्देश पर यह सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घटना 29 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10 बजे की है। जेल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा नियमित तलाशी ली जा रही थी। इसी दौरान जेल प्रहरी पंकज कुमार के संदिग्ध आचरण पर सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ, जिसके बाद उसकी गहन जांच की गई।
वर्दी से मिली तंबाकू, अधिकारियों से छिपाने का आरोप
तलाशी के दौरान प्रहरी पंकज कुमार की वर्दी के भीतर छिपाकर रखी गई प्रतिबंधित तंबाकू की खेप बरामद हुई। आरोप है कि तलाशी लेने वाले आरएसी के हेड कांस्टेबल गिरधारी सिंह ने इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। वह प्रहरी को सीसीटीवी कैमरे की पहुंच से दूर एक अलग कक्ष में ले गए और बरामद तंबाकू को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाए बिना कथित तौर पर वहीं नष्ट कर दिया।
खुफिया इनपुट और सीसीटीवी फुटेज से खुला मामला
जेल परिसर के भीतर हुई इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना खुफिया तंत्र के माध्यम से उच्चाधिकारियों तक पहुंची। जेल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य द्वार और आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिससे दोनों कर्मियों की संदिग्ध भूमिका उजागर हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल महानिदेशालय ने तुरंत जांच के आदेश दिए, जिसके आधार पर सूरजपोल थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।