St Johns News: एंटीगुआ और बारबुडा के सेंट जॉन्स में आयोजित कॉमनवेल्थ शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यापार को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए अहम रूपरेखा प्रस्तुत की है। उन्होंने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच कॉमनवेल्थ देशों को भरोसेमंद और छोटी सप्लाई चेन विकसित करने तथा आर्थिक जोखिमों को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित इस शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय ‘समृद्ध कॉमनवेल्थ के लिए साझेदारी और निवेश को गति देना’ है। कार्यकारी सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति देने के लिए कनेक्टिविटी कॉरिडोर का विस्तार और स्थानीय वितरण प्रणालियों को मजबूत करना समय की मांग है।
सहयोग बढ़ाने के लिए विदेश मंत्री के 9 प्रमुख मंत्र
कॉमनवेल्थ प्रमुखों और कारोबारी नेताओं की संयुक्त बैठक में विदेश मंत्री ने बहुपक्षीय सहयोग को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए 9 मुख्य बिंदु साझा किए:
- आर्थिक जोखिम कम करना: व्यापारिक स्थिरता के लिए देशों को छोटी और भरोसेमंद सप्लाई चेन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
- कनेक्टिविटी कॉरिडोर का विस्तार: सीमाओं के पार संपर्क मार्ग और स्थानीय स्तर पर बेहतर वितरण व्यवस्था स्थापित की जाए।
- प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: साझेदार देशों के कार्यबल में कौशल विकास से आर्थिक संभावनाओं का विस्तार होगा।
- भारतीय प्रवासी कारोबारियों की भूमिका: वैश्विक स्तर पर सक्रिय भारतीय कारोबारी समुदाय को आर्थिक साझेदारी का प्रमुख सेतु बनाया जाए।
- डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा: पारदर्शी प्रशासन और त्वरित आर्थिक विकास के लिए डिजिटल तकनीकों को तेजी से अपनाया जाए।
- जलवायु कार्ययोजना में समन्वय: अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और सीडीआरआई (CDRI) के माध्यम से पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान तलाशा जाए।
- स्थानीय आपदा प्रबंधन केंद्र: मानवीय संकट और प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित राहत के लिए क्षेत्रीय सहायता केंद्र बनाए जाएं।
- कुशल प्रतिभाओं की सुगम आवाजाही: सदस्य देशों के बीच प्रशिक्षित पेशेवरों और कुशल श्रमिकों की मोबिलिटी को सरल बनाया जाए।
- पारस्परिक विश्वास आधारित व्यापार: ऐतिहासिक संबंधों और आपसी समझ का लाभ उठाकर दीर्घकालिक समृद्धि सुनिश्चित की जाए।
ब्रिटिश नेतृत्व से द्विपक्षीय आर्थिक वार्ता
बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से भी द्विपक्षीय मुलाकात की। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिटिश नेतृत्व को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) की प्रगति और भारत-ब्रिटेन रणनीतिक-आर्थिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।