Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश में यूपीआई और ऑनलाइन पेमेंट अब आम दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। राज्य के कुल 69.82 लाख बचत खातों में से 89.19 फीसदी यानी 62.27 लाख खाते डिजिटल साधनों से जुड़ चुके हैं। चाय की दुकान से लेकर किराना स्टोर तक नकदी पर निर्भरता तेजी से खत्म हो रही है।
महिलाओं ने डिजिटल लेनदेन में पुरुषों को पछाड़ा
आंकड़ों के अनुसार राज्य की 93.34 फीसदी महिला खाताधारक डिजिटल माध्यमों से लेनदेन कर रही हैं। सभी जिलों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक दर्ज हुई है। डीबीटी, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का पैसा सीधे खातों में आने से महिलाओं में मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई का चलन तेजी से बढ़ा है।
डिजिटल पेमेंट कवरेज में बिलासपुर जिला 94.89 फीसदी के साथ पूरे प्रदेश में पहले पायदान पर रहा। इसके बाद हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा का प्रदर्शन भी शानदार रहा। वहीं प्रदेश का औद्योगिक केंद्र माना जाने वाला सोलन जिला 80.62 फीसदी के साथ तालिका में सबसे निचले स्थान पर दर्ज किया गया।
यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग से कैशलेस हुआ बाजार
प्रदेश के 51.51 लाख खाते सीधे मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और यूएसएसडी नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। इसका अर्थ यह है कि हर चार में से लगभग तीन खाताधारक अपने फोन से बैंकिंग कर रहे हैं। छोटे-बड़े भुगतान के लिए क्यूआर कोड स्कैन करना अब पहाड़ी इलाकों के बाजारों में आम बात हो गई है।
हालांकि जिलों के बीच डिजिटल पहुंच का फासला भी सामने आया है। शिमला और सिरमौर जिलों में डिजिटल खातों का अनुपात 90 फीसदी से कम है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित नेटवर्क वाले क्षेत्रों में इस अंतर को पाटने के लिए बैंक और स्थानीय प्रशासन मिलकर विशेष साक्षरता अभियान चला रहे हैं।