New Delhi News: देश में लाखों लोग अपने कीमती गहने, सोना-चांदी और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर का उपयोग करते हैं। हालांकि, बैंक में चोरी, डकैती, आगजनी या धोखाधड़ी जैसी घटनाएं होने पर सामान के नुकसान की भरपाई को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति रहती है। इस संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट नियम तय किए हैं।
लापरवाही पर बैंक देगा सालाना किराए का 100 गुना मुआवजा
आरबीआई के नियमों के अनुसार, यदि बैंक की लापरवाही, आगजनी, सेंधमारी, इमारत ढहने या बैंक कर्मचारी द्वारा धोखाधड़ी के कारण लॉकर को नुकसान पहुंचता है, तो बैंक सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा। ऐसी स्थिति में बैंक को ग्राहक को लॉकर के वार्षिक किराए का 100 गुना तक मुआवजा देना अनिवार्य होता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी ग्राहक के बैंक लॉकर का वार्षिक किराया 2,000 रुपये है, तो बैंक को नुकसान होने पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक का मुआवजा देना पड़ेगा। यह नियम सभी बैंकों को अपने ग्राहकों के लॉकर की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह जवाबदेह और सतर्क बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
इन विशेष परिस्थितियों में ग्राहकों को नहीं मिलेगा कोई हर्जाना
प्राकृतिक आपदाओं और ग्राहक की निजी लापरवाही के मामलों में बैंकों की कोई वित्तीय देनदारी नहीं बनती है। आरबीआई के दिशा-निर्देशों के तहत निम्नलिखित स्थितियों में मुआवजा नहीं दिया जाएगा:
- भूकंप, बाढ़, बिजली गिरने या भयंकर तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सामान नष्ट होने पर बैंक उत्तरदायी नहीं होगा।
- यदि ग्राहक लॉकर को ठीक से बंद करना भूल जाता है और इस कारण सामान गायब होता है।
- ग्राहक द्वारा अपनी लॉकर की चाबी खो देने या गुप्त पासवर्ड किसी अन्य व्यक्ति से साझा करने पर नुकसान की भरपाई नहीं मिलेगी।
क्या बैंक लॉकर में रखे सामान का खुद बीमा करते हैं
आम धारणा के विपरीत, बैंक लॉकर में रखे सामान का स्वयं बीमा नहीं करते हैं क्योंकि उन्हें लॉकर में रखी सामग्री की कोई जानकारी नहीं होती है। अपने कीमती सामान की पूर्ण वित्तीय सुरक्षा के लिए ग्राहकों को स्वतंत्र रूप से किसी बीमा कंपनी से बैंक लॉकर या ज्वेलरी इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए।
आरबीआई ने बैंकों को अपने ग्राहकों के साथ संशोधित लॉकर एग्रीमेंट करने के निर्देश दिए हैं, जिनमें मुआवजे के सभी नियम स्पष्ट लिखे होते हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे लॉकर लेते समय इन नियमों व शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ें, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित नुकसान से सुरक्षित रहा जा सके।